Republic Day 2017 Desh Bhakti Poems in Hindi | Gantantra Diwas Kavita

Republic Day 2017 Desh Bhakti Poems – Indian became an Separate Country on Fifteenth Aug, 1947. On 26th Jan, 1950 Indian was formerly announced Republic. In Republic, the superior energy is organised not by a monarch, but by the chosen associates of the individuals, along with an chosen Chief executive. So this day is recognized as the Republic Day. republic day desh bhakti poems in hindi It is a Nationwide vacation.

Republic Day 2017 Desh Bhakti Poems

गणतंत्र दिवस की सबको बधाई
आखिर, एक और छुट्टी मिली है भाई!

यह ख्याल तो मन में आया ही होगा
थोडा जोश भी आँखों में भर आया होगा!

खायेंगे, पीयेंगे, और घूमेंगे
येही सोच क्यूँ हर साल मन में सबके घूमे?

गणतंत्र मौज करने का दिन नहीं
मन को खोजने का समय है!

अस्तित्व को बल देने का दिन है
जननी की रक्षा में सर्वस्प सौपने का दिन है!

ना मनाओ सिर्फ छुट्टी इस बार
कर लो फैसला, अब हो जाओ तैयार!

भारत माँ को सावारेंगे
तभी तो देश के सच्चे सपूत कहलायेंगे!

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पास ही के एक स्कूल से
सुनाई पड़ रही थी
देशभक्ति के गीतों की
स्वर लहरियां
और गूँज रहे थे
माँ भारती की
जय – जयकार के
गगनचुम्बी नारे
बिना स्कूल बेग के
आते जाते बच्चे
अहसास करा रहे थे
गणतंत्र दिवस के
आगमन का
एक ऐसा गणतंत्र
जिसमें रह गया है
सिर्फ तंत्र
और नदारद है
आम जन
एक ऐसा जनतंत्र
जो जनता का
जनता के लिए
जनता के द्वारा शासन नहीं
बल्कि नेताओं का
नेताओं के लिए
नेताओं द्वारा शासन है
एक ऐसा लोकतंत्र
जिसमें लोगों को
याद तो किया जाता है
लेकिन बस
चुनावों के समय
एक ऐसा प्रजातंत्र
जिसमें प्रजा तरसती है
दो वक्त की रोटी के लिए
और मंत्री उड़ाते हैं मौज
पांच सितारा होटलों में
रकम जेब में मोटी लिए
सोच रही हूँ कब से
क्यों हम हो गयें है इतने विवश
जो मना रहे हैं गणतंत्र दिवस
यह तंत्र हमारा है ही नहीं
फिर हम क्यों हैं इतने बेबस ?

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Republic Day Essay In Tamil

आन बान शान हो गुमान माटी का जिसे,
देशभक्ति वाला ही तूफान आज दीजिये।
एक हाथ गीता तो है विनती हमारी माता,
दूजे हाथ हमें कुरान आज दीजिये।
शस्य श्यामला चुनर धानी ओढ़े माटी सदा,
देश के लिए मरूँ अरमान ऐसा दीजिये।
मज़हब जाति भाषा क्षेत्र की दीवार न हो,
मेरी माता ऐसा हिंदुस्तान हमें दीजिये।
जब जब लूँ जनम यही देश ही मिले,
यही माता मुझे वरदान यही दीजिये।

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भारत की उत्तर सीमा पर फिर तुमने ललकारा है
दूर हटो ऐ दुष्ट चीनिओ ! भारतवर्ष हमारा है।

हमें न समझो हैं हम कायर, वीरों की सन्तान हैं
मोम नहीं जो पिघल जायेंगे, हम भारी चट्टान हैं

भारत मां की रक्षा करना अब भी ध्येय हमारा है।
हम जब तनकर चलते हैं, रस्ते स्वयं निकलते हैं

गोली की बौछारों में हम, हंसते-गाते चलते हैं
अमन-दूत हर भारतवासी, पर अरि को अंगारा हैं ।

आओ डटो चीनिओ देखो कितना पानी हम में है
भगतसिंह सुखदेव राजगुरु भरी कहानी हम में है

हमको प्राणों से भी ज्यादा अपना भारत प्यारा है।
अपने खूं में राणा वाली अभी रवानी शेष है

वैसे ज्ञान-दान देने वाला ये भारत देश है।
चाहे जैसी आफत आये रामचरन कब हारा है।

In the morning hours there is a banner hoisting wedding. We remember the opportunity competitors who provided us independence. It is because of them that we are experiencing our independence today. Various sound system desire the people to stay u. s. and regard their country. gantantra diwas desh bhakti kavita The program comes to an end when everyone holds up to perform the Nationwide Anthem.

Republic Day Welcome Speech In Hindi

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26 January 2017 | © 2017 Frontier Theme